देहरादून। राज्य विधि आयोग की बैठक में कृषि नीति, राजस्व एवं बेनामी सम्पति अधिनियम विषय पर समय व परिस्थिति के अनुसार जनहित में कानून परिवर्तन विषय पर चर्चा की गई। बैठक में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में स्वैच्छिक चकबन्दी की अवधारणा होते हुए भी इसे कानूनी दर्जा प्राप्त नहीं है, इसके अतरिक्त राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप राज्य चकबन्दी अधिनियम में, आंशिक चकबन्दी को भी कानूनी दर्जा प्राप्त नहीं है।इसलिए राज्य में, राज्य चकबन्दी अधिनियम में संशोधन के उपरान्त स्वैच्छिक चकबन्दी एवं आंशिक चकबन्दी को कानूनी अधिकार प्रदान किया जायेगा। इसके सम्बन्ध में विधि आयोग अपनी संस्तुति राज्य सरकार को देगी। इसके साथ यह भी प्रयास किया जायेगा की कृषि एवं चकबन्दी से सम्बन्धित अव्यवस्थित कानून को संहिताबद्व और व्यवस्थित किया जायेग। बैठक में यह भी कहा गया कि अग्रिम जमानत के सम्बन्ध में विधि आयोग द्वारा संस्तुति सलाह को कैबिनेट बैठक में लाया जायेगा। बेनामी सम्पति अधिनियम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी चर्चा की गई। बैठक में यह कहा गया कि पावर आॅफ अटार्रनी अधिकार को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किया जायेगा। अध्यक्ष न्यायमूर्ति (से.नि.) राजेश टण्डन ने कहा ने कहा कि इससे सम्बन्धित समस्त रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत की जायेगी। इस अवसर पर निदेशक कृषि गौरी शंकर, अपर जिलाधिकारी रामजी शरण, आयकर अधिकारी वी.पी.एम.रौंतेला, वैभव विकास गोविल एवं विशेष कार्यधिकारी आर.पी.पन्त सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
स्वैच्छिक चकबन्दी एवं आंशिक चकबन्दी को कानूनी अधिकार प्रदान किया जायेगा: सुबोध उनियाल

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