टिहरी,UKR। बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजकर 30 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। बसंत पंचमी पर नरेंद्रनगर राजमहल में राजपुरोहितों ने महाराजा मनुज्येंद्र शाह की जन्म कुंडली देखकर भगवान बदरी विशाल के कपाट खोलने का मुहूर्त निकाला। बुधवार को नरेंद्रनगर राजमहल में विधि-विधान के साथ आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल और संपूर्णानंद जोशी ने महाराजा मनुज्येंद्र शाह का वर्षफल और ग्रह नक्षत्रों की दशा देखकर भगवान श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट खोलने की तिथि घोषित की। राज पुरोहित संपूर्णानंद जोशी ने बताया कि 18 अप्रैल को राजमहल में सुहागिन महिलाएं भगवान बदरी विशाल के महाभिषेक के लिए तिलों का तेल पिराएंगी। इसके बाद गाडू घड़ा (पवित्र तेलकलश) यात्रा बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, डिम्मर गांव और पांडुकेश्वर आदि स्थानों पर प्रवास करने के बाद 29 अप्रैल को यात्रा बदरीनाथ धाम पहुंचेगी और 30 अप्रैल को भगवान बदरी विशाल के कपाट खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, सीईओ बीडी सिंह, धर्माधिकारी भुवन उनियाल, नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार आदि मौजूद रहे।
30 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे बदरी धाम के कपाट

More Stories
जसपाल राणा के निधन पर संवेदनाएं प्रकट करने उनके आवास पहुंचे मंत्री जोशी, परिजनों से मुलाकात की
बुक्सा जनजाति की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्रः सुबोध उनियाल
भाजपा पीड़ित परिवार के साथ, नहीं बख्शे जायेंगे कार्यकर्ता के हत्यारेः भट्ट