July 25, 2026

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पीपीपी मोड के खिलाफ उक्रांद ने फूंका पुतला, निकाली रैली

देहरादून। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला को पीपीपी मोड में दिए जाने के खिलाफ आंदोलन के आठवें दिन उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकाली और सरकार का पुतला फूंका। वहीं आंदोलन के आठवें दिन नगर उपाध्यक्ष योगी पंवार और वार्ड अध्यक्ष रंजीत सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे। अस्पताल परिसर से दर्जनों की संख्या मे उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं का जुलूस सरकार के पुतले के साथ अस्पताल परिसर से डोईवाला चौक पर पहुंचा और नारेबाजी करते हुए पुतले को आग के हवाले कर दिया।

उत्तराखंड क्रांति दल के विधानसभा प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि अस्पताल की बदहाली के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों बराबर दोषी है।
उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष संजय डोभाल ने कहा कि डोईवाला अस्पताल का अनुबंध समाप्त कराने के लिए जनता का काफी दबाव है लेकिन उत्तराखंड क्रांति दल डोईवाला में इसको लेकर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाएगा। उत्तराखंड क्रांति दल नगर महिला मोर्चा की संगठन मंत्री शशिबाला तथा संगठन महामंत्री लक्ष्मी देवी ने  आरोप लगाया कि निजी अस्पताल को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर पहले से उपलब्ध सर्जरी तथा अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं लगभग समाप्त कर दी गई है। उत्तराखंड महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष बीना नेगी तथा जिला प्रवक्ता निर्मला भट्ट ने जानकारी दी कि यदि सरकार ने 48 घंटे के अंदर आंदोलन का संज्ञान नहीं लिया तो अगले चरण में आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड युवा मोर्चा के केंद्रीय सचिव प्रीति थपलियाल तथा जिला कार्यकारी अध्यक्ष महिला मोर्चा किरन रावत और जिला सचिव मीनाक्षी सिंह ने धरना स्थल पर आकर आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ाया तथा वहां पर मौजूद जनसमूह को संबोधित किया। इस अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल की कार्यकारी जिलाध्यक्ष किरन रावत ने कहा कि यदि सरकार ने संज्ञान नहीं किया तो उत्तराखंड के तमाम अस्पतालों को भी पीपीपी मोड में दिए जाने के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल के हर्ष रावत, रमेश तोपवाल, नगर अध्यक्ष राकेश तोपवाल, नगर उपाध्यक्ष पेशकार गौतम, वार्ड अध्यक्ष दीप पांडे, जिला उपाध्यक्ष पूरन चंद भट्ट, विमला भट्ट, सरिता गुसाईं, चंद्रकला देवी, सुरेंद्र सिंह चौहान, शिव पांडे, रामेश्वर पांडे, जगदंबा प्रसाद भट्ट, प्यारा सिंह, राकेश, जीवानंद भट्ट आदि यूकेडी के कार्यकर्ता तथा अन्य लोग शामिल थे।