September 2, 2026

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आर्मी इंटेलिजेंस ने पकड़ा फर्जी फौजी

रुड़की। आर्मी इंटेलिजेंस ने पुलिसकर्मियों से भिड़ रहे एक फर्जी फौजी को पकड़ लिया है। आरोपित के पास से सेना का फर्जी आई कार्ड, कैंटीन कार्ड, सेना के अन्य दस्तावेज एवं सूबेदार रैंक के स्टार, सेना की वर्दी आदि मिली है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित से गहनता से पूछताछ की है। वहीं, आरोपित पूछताछ के दौरान बार-बार कहानियां बदलता रहा। पुलिस आरोपित के सही मकसद को जानने का प्रयास कर रही है।
आर्मी इंटेलिजेंस के अधिकारियों को सूचना मिली कि रुड़की कचहरी में पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय के बाहर एक व्यक्ति खुद को फौजी बताकर पुलिसकर्मियों से बहस कर रहा है। इस पर इंटेलिजेंस के अधिकारी, बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप सेंटर (बीईजी) से सेना पुलिस एवं सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई।
इंटेलीजेंस के अधिकारियों को व्यक्ति की हरकत देख उस पर कुछ शक हुआ। इस पर पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उसके पास से सेना की कैंटीन का कार्ड, आई कार्ड आदि फर्जी मिला।इतना ही नहीं तलाशी लेने पर उसके बैग से सूबेदार रैंक के स्टार, एक 22 लाख का चेक, सेना के छुट्टी संबंधित दस्तावेज एवं एक वर्दी भी मिली। उससे पूछताछ की गई तो आरोपित पहले तो इधर-उधर की बात करता रहा।जब अधिकारियों की ओर से सख्ती से पूछताछ की गई तो आरोपित ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के आभा गांव का रहने वाला है। उसका नाम आदेश कुमार है। वह गागलहेड़ी सहारनपुर की एक फाइनेंस कंपनी में काम करता है। सेना के आइकार्ड से उसको काफी मदद मिलती है। इसके बाद आरोपित से सख्ती के साथ पूछताछ की गई तो उसने कई अन्य जानकारी दी है। पूछताछ करने के बाद पुलिस ने आरोपित का चालान कर दिया। फिलहाल पुलिस आरोपित से पूछताछ में जुटी है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
पुलिस को जैसे ही आरोपित ने आभा गांव का नाम बताया तो पुलिस के कान भी खड़े हो गए। दरअसल राज्य लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक कांड में भी इस गांव के एक आरोपित को पुलिस जेल भेज चुकी है।इसके बाद इस संबंध में गहनता से छानबीन की गई। आरोपित पूछताछ के दौरान इधर-उधर की बातें करता रहा और बार-बार कहानियां बदलता रहा। पुलिस आरोपित के सही मकसद को जानने का प्रयास कर रही है।