देहरादून। स्पिक मैके के तत्वावधान में दून लाइब्रेरी एवं रिसर्च सेंटर में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्तकर्ता उस्ताद बहाउद्दीन डागर द्वारा रूद्र वीणा वादन का आयोजन किया गया। उनके साथ पखावज पर संजय आगले और तानपुरा पर इप्सिता बिचकर ने संगत करी। अपनी प्रस्तुति के दौरान, उस्ताद बहाउद्दीन डागर ने अपने भावपूर्ण प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।अपनी प्रस्तुति में, उन्होंने राग मुल्तानी, अलाप, जोड़, राग मरू और झाला पेश किया। प्रदर्शन को सभी उपस्थित लोगों ने व्यापक रूप से सराहा, जिसने राष्ट्र की सुंदर कला और संस्कृति का एक समृद्ध स्वाद प्रदान किया।
उस्ताद मोही बहाउद्दीन डागर का जन्म 1970 में ध्रुपद संगीतकारों के शानदार डागर परिवार में हुआ था। उन्होंने पहली बार सात साल की उम्र में भारतीय शास्त्रीय संगीत में अपनी शुरुआत की। उनका संगीत म्यूजिक टुडे (इंडिया), माक्र्स (फ्रांस), रागिनी सूत्र (भारत), सेंस वर्ल्ड (लंदन), और इंडिया म्यूजिक आर्काइव्स (यूएसए) द्वारा रिकॉर्ड किया गया है। कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों में से एक ने अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा, ष्उस्ताद बहाउद्दीन डागर का प्रदर्शन वास्तव में मंत्रमुग्ध कर देने वाला था और उपस्थित सभी दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। अपने सर्किट के दौरान, उस्ताद बहाउद्दीन डागर इकोल ग्लोबल इंटरनेशनल गर्ल्स स्कूल, द ओएसिस और पुरकुल यूथ डेवलपमेंट सोसाइटी में भी प्रदर्शन करेंगे।
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