देहरादून। भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय की एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स ने देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य में डीरिग्यूलेशन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस पहल की प्रगति की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता सचिव, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग मीता राजीवलोचन एवं मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने संयुक्त रूप से की।
बैठक में टास्क फोर्स ने डीरिग्यूलेशन फ्रेमवर्क के अंतर्गत चिन्हित प्राथमिक क्षेत्रों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान विनियमों के सरलीकरण, अनुपालन बोझ में कमी तथा निवेश अनुकूल वातावरण सृजित करने हेतु आगे की रणनीतियों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री की पहल पर प्रारंभ की गई यह डीरिग्यूलेशन पहल, जिसे भारत सरकार के कैबिनेट सचिव द्वारा व्यक्तिगत रूप से मॉनिटर किया जा रहा है, राज्यों को भूमि, भवन एवं निर्माण, श्रम, तथा उपयोगिताएं एवं अनुमतियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नियमों के सरलीकरण और सुधार में सहायता प्रदान करती है। इस पहल का उद्देश्य एक विश्वास-आधारित, पारदर्शी एवं व्यवसाय-अनुकूल शासन प्रणाली की स्थापना करना है। टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सुधारों के क्षेत्र में किए गए सक्रिय प्रयासों की सराहना की तथा राज्य को अंतरविभागीय समन्वय और डिजिटल एकीकरण को और सुदृढ़ करने हेतु प्रोत्साहित किया, ताकि सुधार की गति को निरंतर बनाए रखा जा सके। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडे, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
डीरिग्यूलेशन एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड में की प्रगति की समीक्षा

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