September 10, 2026

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चमोली की नीती घाटी में सर्दी की पहली हिमपात ने बढ़ाई उम्मीदें

चमोली। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही प्रतीक्षा आखिरकार समाप्त हो गई है। चमोली जिले में भारत-चीन सीमा से सटे नीती घाटी क्षेत्र में मौसम की इस पहली बर्फीली वर्षा ने मनोरम दृश्य प्रस्तुत किए हैं। इस क्षेत्र से प्राप्त आकर्षक चित्रों ने प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों में उत्साह जगाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य के अन्य पर्वतीय भागों में भी शीघ्र ही हिमपात होने की संभावना प्रबल हो गई है। नीती घाटी भारत-चीन सीमा के निकट स्थित है और यहां 1 जनवरी से मौसम में बदलाव देखा जा रहा था। घने बादलों की मौजूदगी के बीच पर्यटक उत्तराखंड की ओर रुख कर रहे थे, लेकिन हिमपात की अनुपस्थिति से वे निराश हो रहे थे। अब नीती घाटी में हुई इस प्रथम बर्फीली वर्षा ने स्थिति बदल दी है।
राज्य भर में सूखे मौसम के कारण कई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है, जबकि किसानों को फसलों के लिए आवश्यक वर्षा की कमी से नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा, हिमपात न होने से वन्य जीव आवासीय क्षेत्रों की ओर प्रवेश कर रहे हैं, जिससे भालू और तेंदुए जैसे जानवर विभिन्न इलाकों में दिखाई दे रहे हैं।
पर्यटन की दृष्टि से भी प्रभाव पड़ा है। औली और आईजन टॉप जैसे प्रसिद्ध स्थल पर्यटकों से खाली पड़े हैं, जिससे चमोली के पर्यटन कारोबारी चिंतित हैं। सामान्यतः दिसंबर और जनवरी में हिमपात आरंभ हो जाता है, लेकिन इस बार देरी से मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ था। हालांकि, नीती घाटी में हुई इस बर्फीली वर्षा ने पर्यटकों में नई खुशी ला दी है। इससे अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में भी हिमपात की आशाएं जागृत हो गई हैं। वर्तमान में ऊंचाई वाले इलाकों में सामान्य वर्षों की तुलना में कम ठंड दर्ज की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वर्षा और हिमपात नहीं हुआ तो शुष्क सर्दी का सामना करना पड़ेगा।