July 24, 2026

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आईआईटी रुड़की के प्रोफेसरों की टीम ने राज्यपाल से की भेंट

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के प्रो. एवं डीन (अकादमिक) डॉ. नवीन के. नवानी तथा संस्था से जुड़े विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. एच. सी. पोखरियाल ने लोक भवन में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने आईआईटी रुड़की में किए जा रहे उन प्रमुख शोध कार्यों की जानकारी दी, जो आम जनजीवन से सीधे जुड़े हुए हैं। इन शोधों का उद्देश्य बेहतर पोषण, सुरक्षित भोजन, किसानों की आय में वृद्धि, पशुपालन में सुधार तथा एंटीबायोटिक के अनावश्यक उपयोग को कम करना है। प्रो. नवानी ने बताया कि मोटे अनाजों से तैयार प्रोबायोटिक युक्त मिलेट ब्रेड स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण यह मधुमेह रोगियों के लिए भी उपयोगी हो सकती है।
उन्होंने बुरांश से तैयार स्वदेशी पेय ‘रोडोबूस्ट’ के बारे में भी जानकारी दी, जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा खाद्य जनित रोगों से बचाव में सहायक है। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की स्थानीय लाखोरी मिर्च पर किए गए शोध का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्वों में रोगाणुरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिससे इसकी औषधीय और पोषण संबंधी उपयोगिता सिद्ध होती है। इसके अतिरिक्त शहद की शुद्धता और मिलावट की पहचान से जुड़े शोध के बारे में बताया गया, जिससे उपभाक्ताओं को शुद्ध शहद उपलब्ध कराने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
राज्यपाल ने इन सभी शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक और जनोपयोगी शोध समाज, कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विशेष रूप से शहद, मिलेट्स, बद्री तुलसी और उत्तराखण्ड की पारंपरिक फसलों, स्थानीय उत्पादों और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा किए जा रहे ये प्रयास भविष्य में राज्य और देश के समग्र विकास, पोषण सुरक्षा तथा सतत आजीविका के लिए मजबूत आधार प्रदान करेंगे।