देहरादून। सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्र पोषित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, डेयरी, खाद्य, उरेडा, नगर निगम और दूरसंचार विभागों की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
सांसद ने जनपद में योजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभागों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न योजनाओं के बीच कन्वर्जेंस कर जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर पोषण किट उपलब्ध कराने तथा स्कूल परिसरों में उपलब्ध भूमि पर आंगनबाड़ी भवन निर्माण कराने पर जोर दिया।
दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सांसद ने आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पारंपरिक दाई कार्य जानने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण देने की भी आवश्यकता जताई, ताकि आपात स्थिति में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके। जल जीवन मिशन को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधूरे कार्यों को शीघ्र गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि इस योजना की समयसीमा अब दिसंबर 2028 तक बढ़ाई गई है।
सांसद ने स्वरोजगार योजनाओं के तहत अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को बैंकों से सरल शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने, प्रत्येक ग्राम पंचायत में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित करने तथा नेटवर्क व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खाद्यान्न एवं गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। नगर क्षेत्र की समस्याओं पर उन्होंने सड़कों एवं पुलों पर अनावश्यक खड़े वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या से निजात मिल सके।
बैठक में जल जीवन मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, पीएम पोषण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्मार्ट सिटी, दूरसंचार, पीएम स्वरोजगार, बाल विकास, सामाजिक सहायता, पीएम कृषि सिंचाई योजना, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों एवं समिति सदस्यों ने भी विकास कार्यों से संबंधित समस्याएं उठाईं।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत 409 में से 401 ग्राम पंचायतों की जीपीडीपी तैयार हो चुकी है, जबकि परिसीमन के बाद 8 नई ग्राम पंचायतों में कार्य प्रगति पर है। पीएम कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 780 में से 724 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 52 कार्य प्रगति पर हैं। नमामि गंगे के तहत ऋषिकेश के सपेरा बस्ती और लक्कड़घाट में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण योजनाओं के तहत 374 बच्चों को सुरक्षा प्रदान की गई है, जबकि टेक-होम राशन एवं कुक्ड फूड योजना के माध्यम से 87,323 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। जनपद में 150 आंगनबाड़ी भवनों का आधुनिकीकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 1,29,450 लक्ष्यों के सापेक्ष 1,29,449 घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में लोकसभा सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, रायपुर विधायक उमेश शर्मा (काऊ), विधायक कैंट सरिता कपूर, मेयर नगर निमग ऋषिकेश शंभू पासवान, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, ब्लाक प्रमुख डोईवाला गौरव सिंह, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, दिशा समिति के सदस्य रविन्द्र सिंह कटारिया, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल एवं अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
आंगनबाडी केंद्रों में पोषण आहार की गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण करेंः सासंद

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