June 21, 2026

Uttarakhand Review

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राज्यपाल ने अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने का आग्रह किया

नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि प्रतिवर्ष पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए उत्तराखण्ड आते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा और उत्तराखण्ड की नन्दा राजजात यात्रा एवं महाकुम्भ जैसी परम्पराएँ सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकात्मता के सशक्त प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की समृद्ध हथकरघा एवं हस्तशिल्प परम्परा तथा उत्तराखण्ड के जैविक उत्पाद, औषधीय वनस्पतियाँ और प्राकृतिक संसाधन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने दोनों राज्यों की युवा शक्ति का आह्वान करते हुए शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने कहा कि आज आवश्यकता क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की है। उन्होंने कहा कि राज्यों की सीमाएँ प्रशासनिक व्यवस्था के लिए होती हैं, हृदयों को विभाजित करने के लिए नहीं। उन्होंने सभी से विविधता में एकता की भारतीय परम्परा को आगे बढ़ाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।