उत्तरकाशी। जिले के डोडीताल इलाके में भीषण वज्रपात हुआ है। उत्तरकाशी के दुर्गम डोडीताल क्षेत्र स्थित पखोटू बुग्याल में बीती देर रात बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। तेज बारिश और गरज-चमक के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से दो सौ से अधिक भेड़-बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। सौ से अधिक पशु अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस घटना से अस्सी गंगा घाटी और मोरी क्षेत्र के करीब 15 पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया है। अगोड़ा गांव के शिवराम सिंह ने बताया कि इन दिनों अस्सी गंगा घाटी और मोरी क्षेत्र के लगभग 15 पशुपालक अपने तीन सौ से अधिक भेड़-बकरियों के साथ पखोटू बुग्याल में मौसमी प्रवास पर थे। देर रात क्षेत्र में अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज बारिश के साथ लगातार गरज-चमक होने लगी। इसी दौरान बुग्याल में वज्रपात (बिजली गिरी) हुआ। बिजली सीधे भेड़-बकरियों के झुंड पर गिरने से दो सौ से अधिक पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद बुग्याल में अफरा-तफरी मच गई। 200 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत हो गई। कई पशु जंगल अफरा-तफरी में इधर-उधर हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है। सुबह एक व्यक्ति किसी तरह बुग्याल से नीचे उतरकर अगोड़ा और ढासड़ा गांव पहुंचा तथा ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन को सूचना दी। प्रशासन ने तत्काल राजस्व विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि पखोटू बुग्याल तक पहुंचने के लिए लगभग 20 किलोमीटर का कठिन पैदल मार्ग तय करना पड़ता है। इस कारण राहत एवं सर्वे कार्य में समय लग सकता है। पशुपालकों का कहना है कि भेड़-बकरी पालन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण मौके तक पहुंचने में समय लगेगा। टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मृत पशुओं की वास्तविक संख्या का सत्यापन करेगी। इसके बाद विस्तृत पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। प्रशासन की ओर से नियमानुसार आगे की कार्रवाई एवं सहायता प्रदान की जाएगी।
पखोटू बुग्याल उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है। ये डोडीताल से ऊपर करीब 20 किलोमीटर दूर है। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से डोडीताल की दूरी करीब 40 किलोमीटर है। इस तरह पखोटू बुग्याल की जिला मुख्यालय से दूरी करीब 60 किलोमीटर है। डोडीताल से 20 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करनी पड़ती है। ये अति दुर्गम स्थान है। समुद्र तल से पखोटू बुग्याल की ऊंचाई लगभग 10,826 फीट (3,300 मीटर) है। उत्तराखंड में पहाड़ों पर घास के मैदानों को बुग्याल कहते हैं।
पखोटू बुग्याल में वज्रपात होने से 200 से ज्यादा भेड़-बकरियों की मौत, 100 लापता

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