July 28, 2026

Uttarakhand Review

News Portal

राज्यपाल ने राजकीय विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक ली

देहरादून। कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को लोक भवन में प्रदेश के राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विश्वविद्यालयों की प्रमुख उपलब्धियों, उनकी चुनौतियों और शोध एवं अनुसंधान कार्यों और विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में राज्यपाल ने कुलपतियों से कहा कि उन्हें इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि उनके विश्वविद्यालयों से निकलने वाला प्रत्येक विद्यार्थी उद्योग, रोजगार, उद्यमिता तथा 21वीं सदी की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए कितना सक्षम और तैयार है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों का उद्देश्य केवल डिग्रियाँ प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे सक्षम, आत्मविश्वासी एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित युवाओं का निर्माण करना होना चाहिए, जो बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप देश के विकास में सार्थक योगदान दे सकें।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों की नैतिक शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसा सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित करना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों का व्यक्तित्व सर्वांगीण रूप से विकसित हो सके। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक और एआई का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रत्येक स्तर पर सुदृढ़ जांच एवं पुनः जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह लीक-प्रूफ और त्रुटिरहित रहे तथा उसकी विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हो।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों की पहचान केवल भवनों से नहीं, बल्कि उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध, नवाचार से विशिष्ट बनती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को एनआईआरएफ एवं एनएएसी रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन के लिए शोध कार्यों, पेटेंट, नवाचार, गुणवत्तापूर्ण अवस्थापना तथा अकादमिक उत्कृष्टता पर विशेष ध्यान देना होगा।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को भी पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक नियुक्ति निर्धारित मानकों के अनुरूप निष्पक्षता के साथ संपन्न होनी चाहिए। उन्होंने कुलपतियों से अपेक्षा की कि वे विश्वविद्यालयों को नई शिक्षा, नई तकनीक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए दूरदृष्टि के साथ कार्य करें। बैठक में सभी कुलपतियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों की उपलब्धियों, चल रहे शैक्षणिक एवं शोध कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, विशेष प्रमुख सचिव एवं कुलपति खेल विश्वविद्यालय अमित सिन्हा, सचिव दीपक कुमार, एस.एन. पाण्डेय, रंजना राजगुरु, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, अपर सचिव  रोहित मीना, मनुज गोयल, कुलपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) शिवेन्द्र कुमार कश्यप, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय प्रो. रमाकांत पाण्डेय, कुलपति सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, कुलपति उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी, कुलपति एच.एन.बी. उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलपति श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन, कुलपति उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर, कुलपति वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद भट्ट, कुलपति उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी एवं कुलपति कुमाऊँ विश्वविद्यालय प्रो. दीवान सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।