July 31, 2026

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एचआईवी एड्स मुक्त देहरादून का संकल्प, रोकथाम से उपचार तक कसेगा प्रशासन का शिकंजा

देहरादून। जिले को एचआईवी एड्स मुक्त बनाने के संकल्प के साथ प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार व्यवस्था को और अधिक व्यापक व प्रभावी बनाने का निर्णय लिया हैं। बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान की अध्यक्षता में ‘मिशन एड्स सुरक्षा’ अभियान की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की गहन समीक्षा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने कहा कि एचआईवीध्एड्स से बचाव के लिए समय पर जांच, सटीक परामर्श और हर जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सेवाओं की सहज पहुंच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जनपद स्तर पर एक ठोस कार्ययोजना तैयार कर इसकी रोकथाम के लिए अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के हाई रिस्क क्षेत्रों की पहचान कर उनकी जीआईएस मैपिंग कराई जाए, ताकि लक्षित अभियानों के जरिए सीधे जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने सेक्स वर्कर्स, ट्रांसजेंडर समुदाय, इंजेक्टिंग ड्रग यूजर्स, वाहन चालकों और माइग्रेंट आबादी जैसे संवेदनशील वर्गों के बीच जागरूकता, काउंसलिंग और अर्ली टेस्टिंग पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को सैंपलिंग और टेस्टिंग की गति तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि संक्रमित पाए जाने वाले व्यक्तियों को तत्काल आवश्यक उपचार से जोड़ा जाए। इसके साथ ही, आवश्यकतानुसार कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, नियमित फॉलोअप और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध काउंसलिंग व जांच सुनिश्चित किया जाए। एचआईवी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों, झिझक और भय को समाप्त करने के लिए जिलाधिकारी ने तथ्यपरक व संवेदनशील जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। अभियान को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए आगामी बैठकों में पुलिस, शिक्षा तथा अन्य संबंधित विभागों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि विगत वर्ष 2025-26 में जनपद के विभिन्न अस्पतालों एवं केंद्रों में कुल 85,065 लोगों की एचआईवी जांच की गई। इनमें से 583 व्यक्ति पॉजिटिव पाए गए, जिन्हें तुरंत एआरटी केंद्रों के माध्यम से आवश्यक परामर्श और उपचार सेवाओं से जोड़ दिया गया है। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, डीटीओ डॉ. मनोज कुमार वर्मा, डॉ. सुनीता हाडा, नोडल एआरटी डॉ. के.सी. पंत सहित स्वास्थ्य विभाग, एआरटी, आईसीडीसी और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।