देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदियों का जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है, जिसको देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल अलकनंदा, भागीरथी, यमुना, मंदाकिनी, बाणगंगा, शारदा और टौंस नदी खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। यही वजह है कि नदियों के आसपास रह रहे लोगों को लाउडस्पीकर और सायरन के जरिए अलर्ट किया जा रहा है। क्योंकि इसी तरह बारिश का दौरा जारी रहा तो नदियों का जल स्तर खतरे को निशान को भी पार कर सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने पहले ही प्रदेश के तीन जिलों देहरादून, बागेश्वर और चमोली में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था, जो सही साबित हुआ। रात से ही देहरादून, बागेश्वर और चमोली में झमाझम बारिश हो रही है। यही वजह है कि नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और वो खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है।
भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड की घटनाएं भी बढ़ गई है, जिस कारण प्रदेश में करीब 179 सड़कें अभी भी बाधित है। फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने का प्रयास कर रहा हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण कुछ पहाड़ों से कहीं-कहीं पर मलबा गिर रहा है, जिस कारण सड़कें खोलने में मुश्किल आ रही है।
नदियों का जलस्तर
देवप्रयाग में भागीरथी नदी का जलस्तर (462.40) जो चेतावनी के निशान (462) को पार कर गई है।
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर (627.80) जो खतरे के निशान (627) को पार कर चुकी है।
रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जलस्तर (626.60) जो खतरे के निशान (626) को पार कर गई है।
रुद्रप्रयाग (संगम) में अलकनंदा नदी का जलस्तर (623.45) जो चेतावनी के निशान (623.70) के समीप पहुंच गई है।
धारचूला में काली नदी का जलस्तर (889.04) जो चेतावनी निशान (889) के ऊपर चला गया है।

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