October 22, 2026

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दलेर मेहंदी का सार्वजनिक मंच पर अपमान दुर्भाग्यपूर्णः अमरजीत सिंह

देहरादून। उत्तराखंड के नई टिहरी में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में अपनी प्रस्तुति देने पहुंचे प्रख्यात पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के साथ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा सार्वजनिक मंच पर किया गया व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और उत्तराखंड की गौरवशाली अतिथि-सत्कार की परंपरा के विपरीत है, ‘अतिथि देवो भव’ की संस्कृति वाले प्रदेश में किसी आमंत्रित कलाकार को हजारों लोगों के सामने अपमानित करना पूरे उत्तराखंड की छवि पर सवाल खड़े करता है। उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित इस मेले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अपनी विधानसभा में आमंत्रित अतिथि दलेर मेहंदी पर बिना किसी ठोस पुष्टि के नशे में होने का आरोप लगाना अनुचित है।
देश के विभिन्न कलाकारों और फिल्म जगत की हस्तियों द्वारा दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया देना इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है। उनके परिजनों और करीबियों ने भी उनके नशे से दूर रहने की बात कही है। हाल ही में सर्जरी कराने के बावजूद वह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड पहुंचे। यदि मंत्री को उनकी प्रस्तुति से कोई शिकायत थी, तो आयोजकों के माध्यम से मामले की जांच कराई जा सकती थी। सार्वजनिक मंच से आरोप लगाकर किसी कलाकार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के आचरण के अनुरूप नहीं है। दलेर मेहंदी ने संयम और शालीनता बनाए रखकर अपनी गरिमा का परिचय दिया। वहीं, इस प्रकरण पर भाजपा नेताओं और सिख-पंजाबी समाज से जुड़े भाजपा पदाधिकारियों की चुप्पी भी चिंताजनक है। मंत्री सुबोध उनियाल के सार्वजनिक व्यवहार और समय-समय पर सामने आने वाले विवादित एवं अमर्यादित बयानों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। महिलाओं, पूर्व सैनिकों, राजनीतिक विरोधियों और अन्य लोगों से जुड़े विवादों में उनका नाम चर्चा में आता रहा है। उनके बड़बोलेपन और इस प्रकार के आचरण का जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में उत्तराखंड और पंजाब में भाजपा को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। हम मांग करते हैं कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल इस पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और भविष्य में अपने पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार करें।