हल्द्वानी : राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के विरोध में शहर के सभी निजी चिकित्सालय बंद रहे। इसके चलते मरीज बिना दिखाए लौट गए। वहीं, बेस अस्पताल, महिला अस्पताल और डॉ सुशीला तिवारी अस्पताल में भीड़ बढ़ गई।
सुशीला तिवारी अस्पताल में एक घंटे से अधिक समय तक सर्वर ठप रहा। मरीजों को पर्ची बनाने के लिए इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में बच्ची का इलाज कराने पहुंचे राजेश का कहना है कि बच्चे को दिखाना है। दो घंटे जो गए कोई सुनने वाला नहीं।
इधर, आइएमए अध्यक्ष डॉक्टर एमसी तिवारी व महासचिव डॉक्टर महेश शर्मा का कहना है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग आम डॉक्टरों के हित में नहीं है। यह व्यवहारिक नहीं है इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। आइएमए ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया।

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