जिला और क्षेत्र पंचायतों के अध्यक्षों के चुनाव में सदस्यों की खरीद फरोख्त, अपहरण, सदस्यों को विदेश घुमाने तक के आरोप लगते रहे हैं। इस बार देहरादून निवासी और अधिवक्ता विपुल जैन की याचिका पर उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया।
हाईकोर्ट ने 17 अक्तूबर 2019 को आदेश पारित कर यह साफ कहा कि अगर खरीद फरोख्त या अन्य तरीके से जिला पंचायत अध्यक्ष और क्षेत्र प्रमुख के चुनाव का प्रभावित होना पाया जाता है तो मुकदमा दर्ज करें। प्रदेश के चार जिलों से करीब 50 जिपं व क्षेपं सदस्य लापता है। इस क्रम में शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को पत्र लिख कर गायब करीब 50 जिला एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों का पता लगाने का आदेश दिया है।

More Stories
स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्षा
उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण
उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान