देहरादून, UK Review। राष्ट्रीय उद्यमिता एवम लघु व्यवसाय विकास संस्थान, सूक्ष्म, लघु एवम् मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय वानिकी अनुसंधान एवम् शिक्षा परिषद के मध्य उद्यमिता कौशल एवम् शिक्षा के उन्नयन के लिये द्विपक्षीय अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर निसबड के महानिदेशक राजेश अग्रवाल, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवम् शिक्षा परिषद के महानिदेशक डा0 एस0सी0 गैरोला द्वारा सहमति पत्र हस्ताक्षरित किया गया।
इस मौके पर निसबड के महानिदेशक राजेश अग्रवाल ने कहा कि संस्थान उद्यमिता विकास हेतु अनुसंधान शोध एवम् प्रशिक्षण के माध्यम से कार्य कर रहा है। संस्थान द्वारा युवाओं को स्वरोजगार हेतु प्रेरित करने के लिये विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन देश भर मे किया जा रहा है। इस मौके पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवम् शिक्षा परिषद के महानिदेशक, डा0 एस0सी0 गैरोला ने कहा कि संस्थान वानिकी अनुसंधान और इससे सम्बन्धित उद्योगों पर आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन देश भर मे स्थित संस्थान के विभिन्न केन्द्रों पर करता है। आज के वर्तमान समय मे कौशल को आजिविका संवर्धन का साधन बनाने के लिये उद्यमिता एक महत्वपूर्ण कारक है। संयुक्त रूप से प्रशिक्षणार्थियों मे उद्यमिता कौशल उन्नयन् हेतु कार्य करेंगे। जिससे आने वाले समय मे नये उद्योगों की स्थापना होगी और स्वरोजगार के साथ-साथ रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे। पूर्व मे भी निसबड के साथ संयुक्त रूप से उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था जिसके सुखद परिणाम को देखते हुये सम्पूर्ण केन्द्रों के लिये यह अनुबन्ध किया जा रहा है। इस अवसर पर निसबड की निदेशक, डा0 पूनम सिन्हा ने कहा कि संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रमों मे प्रतिभाग करने वाले प्रशिक्षणार्थियों कोे उद्यमिता बोध कराकर भविष्य मे स्वरोजगार को आजिविका के साधन के तौर पर अर्जित करने के लिये उद्यमिता जागरूकता एवम् उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का आयांेजन निसबड करेगा। इस अवसर पर एस0डी0 शर्मा, उपमहानिदेशक, डा0 आर0एस0 रावत, वैज्ञानिक, बिरेन्द्र सिंह सजवाण मुख्य परामर्शदाता आदि मौजूद रहे।

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