November 1, 2026

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महाराज ने केन्द्रीय मंत्री से टिबरसैंण महादेव यात्रा की अनुमति प्रदान करने को कहा

-जनरल वीके सिंह से भेंटकर ऑल वैदर रोड जल्द पूरी करने का किया अनुरोध

नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आज केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सतपाल महाराज ने केन्द्रीय मंत्री से कहा कि नीति घाटी में स्थित टिबरसैंण महादेव में अमरनाथ की तरह बहुत बड़े शिवलिंग की रचना होती है। यदि केन्द्र सरकार यहां के लिए यात्रा की अनुमति प्रदान करती है तो पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ साथ उत्तराखण्ड के इस अंतिम गांव में अन्य स्थानीय लोग भी आकर बसेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी पर्यटक इस सीमांत गांव की यात्रा करेगा या वहां रूकेगा उसे प्रमाण पत्र भी दिया जायेगा। इससे ट्राईबल टूरिज्म को बढ़ावा भी मिलेगा।उत्तराखण्ड पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रसाद योजना के अन्तर्गत केदारनाथ हेतु 34.78 करोड के सापेक्ष 27.83 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। योजना का निर्माण कार्य 89 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। वहीं बद्रीनाथ धाम के लिए 39.23 करोड़ में से 11.77 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। जिसका कार्य अभी निर्माणाधीन है। गंगोत्री व यमुनोत्री में पर्यटन सुविधाओं के विकास कार्यों हेतु 49.44 करोड़ डीपीआर तैयार कर भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। फूड क्राफ्ट इन्स्टीट्यूट अल्मोड़ा के लिए भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय ने केन्द्रांश के रूप में 475 लाख के सापेक्ष अब तक 375 लाख की धनराशि अवमुक्त की गयी है। शेष 100 लाख रूपये की धनराशि अवमुक्त की जानी बाकी है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि आईएचएम रामनगर हेतु भारत सरकार द्वारा 16.20 करोड़ की डीपीआर पर स्वीकृति प्रदान की गयी है। जिसके सापेक्ष भारत सरकार द्वारा 9 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से स्थापित किये गये स्टेट इन्स्टीट्यूट आॅफ होटल मैनेजमेन्ट के लिए केन्द्रीकरण का प्रस्ताव भारत सरकार स्तर पर विचाराधीन है। स्वदेश दर्शन योजना के अन्तर्गत महाभारत सर्किट का 97.70 करोड़ लाख का प्रारूप तैयार कर भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। जिसमें केंन्द्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस पर कार्यवाही की जायेगी।