देहरादून। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने आज विधानसभा में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के पुण्यतिथि पर घोषणा करते हुए कहा है कि बोली-भाषाओं के संरक्षण के लिए विधिवत विधायकों की विधानसभा में समिति गठित की जाएगी। जिसमें जौनसारी, कुमाऊंनी एवं गढ़वाली बोली-भाषा का संरक्षण किया जाएगा।
श्री अग्रवाल ने कहा है कि स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी का योगदान इस राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है उन्होंने कहा है कि उनके विचार आज भी राज्य के विकास के लिए प्रसांगिक है श्री अग्रवाल ने कहा है कि बोली भाषा विलुप्त हो रही है इसलिए विधानसभा की अन्य समितियों की तरह गढ़वाली कुमाऊंनी एवं जौनसारी बोली भाषा उन्नयन समिति का गठन किया जाएगा।
ज्ञात हो कि बोली-भाषा को बढ़ावा देने के लिए विगत दिनों विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने जौनसारी, कुमाऊनी एवं गढ़वाली बोली में कोरोना वैश्विक महामारी के प्रभाव के कारण वापस अपने गांव लौट रहे प्रवासियों के नाम एक पत्र भी लिखा था इस पहल की चारों तरफ सराहना की जा रही है। इस अवसर पर विधानसभाध्यक्ष ने विधानसभा परिसर, देहरादून गढ़वाली, कुमाऊँनी, जोनसारी भाषा एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विधायकों की उपस्थिति में लोक कलाकारों के माध्यम से एक कार्यक्रम आयोजन करने की भी बात कही है।
गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी बोलियों के उन्नयन एवं संरक्षण को बनेंगी विधायकों की समिति

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