August 3, 2026

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कृष्णा पर मां गंगा की कृपा, सिक्का ढूंढने निकला था मिला चांदी का मुकुट

हरिद्वार। धर्मनगरी से कानपुर तक जाने वाली गंगनहर को गुरुवार मध्यरात्रि से बंद कर दिया गया है। अब दीपावली की रात 14 नवंबर को गंगनहर में जल छोड़ा जाएगा। इस बार दशहरे से 10 दिन पहले कुंभ कार्यों के लिए गंगनहर को बंद किया गया है। गंगनहर के बंद होने के बाद भारी मात्रा में गंदगी दिखाई देने लगी है, इसके साथ ही गंगा में रुपए-पैसे बीनने वालों की बाढ़ सी आ गई है। इसी दौरान नहर में सिक्का ढूंढने वाले कृष्णा को भगवान श्री गणेश आकार वाला चांदी का मुकुट मिला है, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है।
हरिद्वार के लाल मंदिर मलिन बस्ती निवासी कृष्णा का कहना है कि मां गंगा के कारण उसकी दिवाली अच्छी मनेगी। पिछले काफी समय से लॉकडाउन के चलते वह खाली था और आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। गौर हो कि गंगा बंदी के दौरान गंगनहर की साफ-सफाई और मरम्मत के कार्य किए जाएंगे और कुंभ मेले के लिए गंगा स्नान घाटों का निर्माण भी किया जाएगा। गंगनहर के बंद होते ही हरकी पैड़ी सहित सभी घाटों पर पैसे बीनने वालों की भीड़ लग गई। पैसे बीनते वक्त कृष्णा को गंगा से चांदी का मुकुट मिला, जिसके बाद से उसकी खुशी का ठिकाना नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा बंदी होने के बाद बड़ी संख्या में लोग गंगा बीनने आते हैं। कई तो पूरे परिवार के साथ गंगा में उतर कर पैसे बीनने का काम करते हैं। इस दौरान लोगों को चांदी-सोने से लेकर काफी सामान मिल जाता है जो श्रद्धालु अपनी आस्था के हिसाब से गंगा को अर्पित करते हैं। गौर हो कि हरिद्वार कुंभ मेला कार्यों और गंगनहर के रखरखाव-साफ-सफाई के लिए गुरुवार मध्य रात्रि 12 बजे से अपर गंगनहर को उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने बंद कर दिया है। नहर का पानी पूरी तरह उतरने में 10 से 12 घंटे का समय लगेगा, जबकि आगे के जनपदों में यह एक से दो दिन तक में उतरेगा। नहर में दीपावली की मध्यरात्रि को इसमें पानी छोड़ा जाएगा. इस दौरान कुंभ के तहत 16 नए घाट व कई पुलों का निर्माण होना है।