November 6, 2026

Uttarakhand Review

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एयरपोर्ट विस्तार परियोजना पर मुख्यमंत्री के बयान पर मैड ने उठाये सवाल

देहरादून। मुख्यमंत्री के बयान पर देहरादून के शिक्षित छात्रों के संगठन मेकिंग अ डिफरेंस बाय बींग द डिफरेंस (मैड) ने सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य एक बार फिर से जन चिपको आंदोलन का साक्षी रहा है तथा देहरादून वासी इतनी संख्या में वन संरक्षण के लिये सडकों पर उतरे, क्या इसे भी सरकार राजनीतिक षड्यंत्र कहेगी, तथा सरकार यह स्पष्ट करें की देहरादून एयरपोर्ट राष्ट्रीय महत्व कैसे रखता है।
संस्था ने यह भी कहा की मुख्यमंत्री ने बयान में एक के बदले 3 पेड लगाने की, वही, उत्तराखंड वन विभाग द्वारा एक पेड़ के बदले 17 पेड़ लगाने की बात कही जा रही हैं। शासक दल के प्रवक्ता कह रहे की एक के बदलें 22 पेड़ लगाये जायेंगे, इस पर मुख्यमंत्री साफ शब्दों में स्पष्ट करें की सरकार द्वारा एक पेड़ के बदले कितने पेड लगाने की व्यवस्था है। मैड ने सरकार से सवाल पूछते हुये यह भी कहा कि वन विभाग कहता आया है की वृक्षारोपण के लिये उनके पास भूमि नहीं हैं, तो जो वृक्षारोपण की बात सरकार कर रही हैं वह किस स्थान पर और कैसे होगा तथा जनता न तो टिहरी से आकर बसे लोगों का विस्थापन चाहती है और न ही जगंलों का कटान, जगंलों का नष्ट हो जाना जानवरों के जीवन के लिये बहुत बड़ा खतरा है, क्या सरकार को जानवरों के जीवन की कोई चिंता नहीं। मालूम हो की, उत्तराखंड सरकार द्वारा जौली ग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार हेतु एक परियोजना लाई गई हैं, जिसके अनुसार थानों क्षेत्र के 10,000 पेडो का कटान अनिवार्य हैं, जिस पर देहरादून की जनता ने भारी विरोध जताया है।