देहरादून। कैंट स्थित सिनर्जी हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा हो गया। मृतक के स्वजनों ने आरोप लगाया कि तीन दिन पहले मरीज की मौत हो गई थी, लेकिन अस्पताल रुपये वसूलने के लिए डेड बाडी को रखे रखा। मल्हीपुर रामनगर सहारनपुर निवासी सुनील ने बताया कि उनके बड़े भाई दीपक को पेट संबंधी कोई दिक्कत चल रही थी, जिसके कारण वह मरीज को बीते सोमवार को सिनर्जी अस्पताल लेकर आए थे। चिकित्सकों ने मरीज को वेंटिलेटर पर रखा और किसी को उनसे मिलने नहीं दिया गया। अस्पताल की ओर से प्रतिदिन 15 से 20 हजार रुपए की दवाइयां मंगवाई जा रही थी। इलाज में अब तक पांच लाख खर्च हो चुके हैं। तीन दिन पहले जब उन्होंने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में रेफर करने की बात कही तो चिकित्सकों ने उनसे कहा कि मरीज की हालत गंभीर है। ऐसे में उसे यहां से ले जाना उचित नहीं होगा। सुनील ने बताया कि तीन दिन पहले ही उनके भाई की मौत हो चुकी है, लेकिन चिकित्सकों ने रुपए वसूलने के चक्कर में उसे मृत घोषित नहीं किया और उनसे रुपए वसूलते रहे।
सिनर्जी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, हाथापाई

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