-यात्रा से पूर्व ही जीएमवीएन को मिली 4 करोड़ की बुकिंग
-बद्रीनाथ-केदारनाथ के लिए 9000 यात्रियों ने करवाया पंजीकरण
देहरादून। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि यात्रियों की सुविधा के लिए सभी विभागों को समय से अपना होमवर्क तैयार करने के निर्देश देने के साथ-साथ क्लाइमेटेशन और कैरिंग कैपेसिटी का विशेष ध्यान रखा जाएगा। लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे और बीआरओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चारधाम रूट की सभी सड़कों को समय से दुरुस्त कर लें। उन्होंने बताया कि इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए 4 तरह से पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि इस बार चारधाम यात्रा की शुरुआत 22 अप्रैल से होगी। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को तो बदरीनाथ के 27 अप्रैल को खुलेंगे जबकि परंपरा के अनुसार 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक के बाद जारी अपने एक बयान में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए आज से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो गए हैं। पर्यटन विभाग का पोर्टल सुबह सात बजे खुला रहेगा। चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु पर्यटन विभाग की वेबसाइट तमहपेजतंजपवदंदकजवनतपेजबंतम.ना.
श्री महाराज ने कहा कि गत वर्ष की भांति इस बार भी चारधाम यात्रा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। जीएमवीएन के गेस्ट हॉउसों के पिछले 4 दिनों में ढाई करोड़ की बुकिंग की बुकिंग की जा चुकी है। मंगलवार (आज) से प्रारंभ हुए पंजीकरण के तहत अब तक बद्रीनाथ एवं केदारनाथ के लिए 9 हजार यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। धामों में कतार प्रबंधन हेतु स्लॉट टोकन व्यवस्था की शुरुआत की गई है। यात्रियों के पंजीकरण तथा यात्रा संबंधित जानकारी हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं।
लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा से पूर्व यात्रा मार्ग की सभी सड़कों के सुधारीकरण, पैच वर्क और गड्ढा मुक्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग, एनएच और बीआरओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सड़कों की निगरानी के लिए लोक निर्माण विभाग को ऐप बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्थानों पर अधिकांश मार्ग अवरुद्ध होते हैं ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण कर जेसीबी आदि की तैनाती की व्यवस्था की जाएगी। मार्ग अवरुद्ध होने पर मार्ग खोलने की मशीनें तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। जेसीबी, पोकलैंड मशीन, रिकवरी वैन बुलडोजर की व्यवस्था के साथ-साथ सुपरवाइजर और चालकों के मोबाइल नंबर की उपलब्धता के भी निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्गो में क्रैश बैरियर तथा साइनेज लगाए जाने की भी व्यवस्था की जा रही है।

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