March 29, 2026

Uttarakhand Review

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नियोजन विभाग की संस्तुति के उपरांत मुख्यमंत्री ने बहु-क्षेत्रीय परियोजनाओं को दी स्वीकृति

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए पर्यटन, परिवहन, पंचायती राज एवं खेल अवसंरचना से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्णयों से राज्य में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
‘नॉर्थ हर-की-पौड़ी डेवलपमेंट वर्क्स’ के अंतर्गत 66.34 करोड़ की परियोजना को व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित किया गया है। यह परियोजना भारत सरकार की एसएएससीआई योजना के तहत स्वीकृत है। प्रथम चरण में 10 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे हर की पौड़ी क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा।
राजधानी देहरादून में ‘चारधाम मॉनिटरिंग एंड इंसिडेंट रिस्पॉन्स सेंटर’ की स्थापना को मंजूरी दी गई है। 357.84 लाख की लागत से बनने वाला यह केंद्र यात्रियों की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन एवं आपदा प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करेगा। परियोजना का क्रियान्वयन उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा है।
पंचायती राज संस्थाओं को 133.68 करोड़ की पहली किश्त जारी
वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप 133.68 करोड़ की ‘टाइड ग्रांट’ जारी की गई है।
ग्राम पंचायतों को 75 प्रतिशत, क्षेत्र पंचायतों को 10 प्रतिशत, जिला पंचायतों को 15 प्रतिशत राशि आवंटित की गई है।
यह धनराशि पेयजल, स्वच्छता, वर्षा जल संचयन एवं व्क्थ् स्थिति बनाए रखने जैसे कार्यों में उपयोग की जाएगी।
हल्द्वानी में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को ‘खेल विश्वविद्यालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 3636.50 लाख (अकादमिक एवं छात्रावास सहित) निर्धारित है। चंपावत में ‘गोलू देवता कॉरिडोर (जोन-ए)’ के प्रथम चरण हेतु 117.22 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई है। समग्र विकास की दिशा में सशक्त कदम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य “विकास और विरासत के संतुलन” के साथ उत्तराखंड को पर्यटन, संस्कृति, खेल और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य में बुनियादी ढांचे का व्यापक विस्तार और जनसुविधाओं में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित होगा।