April 26, 2026

Uttarakhand Review

News Portal

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करेंः कौशिक

देहरादून। प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने आपदा से पूर्व, आपदा के दौरान एवं आपदा के बाद विभाग द्वारा किये जाने वाले क्रिया-कलापों की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करें। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक आपदा झेलने वाले देश की तर्ज पर आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर प्रदेश को आपदा प्रबंधन में सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तर पर बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कम्युनिकेशन सिस्टम को बेहतर बनाया जाए ताकि सूचनाओं के आदान-प्रदान की कार्यवाही तेजी से हो सके तथा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों, सदस्यों एवं अधिकारियों को सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित उपकरण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए ताकि कोई आपदा घटित होन पर वे शीघ्रता से इसकी जानकारी जिला मुख्यालय एवं प्रदेश मुख्यालय को दे सकें।
मंत्री ने कहा कि किसी आपदा के घटित होने पर राहत एवं बचाव कार्य शीघ्रता से हो सके इसके लिए जरूरी है कि न्याय पंचायत स्तर पर आपदा मित्र एवं आपदा सखी बनाये जाएं। आपदा मित्र एवं आपदा सखी को राहत एवं बचाव कार्य संबंधी उचित प्रशिक्षण देने के साथ ही आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराये जाएं। साथ ही आपदा मित्र एवं आपदा सखी के लिए प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्था की जाए। मंत्री ने कहा कि आपदाओं के पूर्वानुमान की दिशा में बेहतर कार्य किये जाएं ताकि आपदाओं से होने वाले नुकसान कम से कम किया जा सके। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी संवेदनशील झीलें जिनसे भविष्य में आपदा की संभावना है उनके ट्रीटमेंट के लिए वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों से वार्तालाप करें ताकि इस दिशा में कार्य हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भू-स्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील स्थल जहां पर बार-बार आपदाएं घटित होती हैं ऐसे स्थलों के ट्रीटमेंट प्राथमिकता के आधार पर किये जाएं। मंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन से संबंधित बैठकों हेतु रोस्टर बनाए जाएं। इन बैठकों में मेरे द्वारा स्वयं प्रतिभाग किया जायेगा। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग से सचिव विनोद कुमार सुमन, संयुक्त सचिव एनएस डुंगरियाल, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूएसडीएमए मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।