टिहरी: प्रतापनगर के कस्तल गांव में बीती रात वन विभाग की टीम में आदमखोर गुलदार (तेंदुआ) को मार गिराया। पिछले महीने गुलदार ने एक महिला को अपना निवाला बनाया था। जिसके बाद गुलदार को आदमखोर घोषित किया गया था। ग्रामीणों ने भी अब राहत की सांस ली है।
गौरतलब है कि बीते दिनों प्रतापनगर विधानसभा के कस्तल गांव निवासी बिशना देवी (52 वर्ष) पत्नी भगवान सिंह पास के मंदार गांव में शादी में शामिल होने के लिए घर से निकली थी, लेकिन बिशना देवी न तो शादी में पहुंची और न ही घर लौटी। उनके पति भगवान सिंह भी कहीं शादी में गए थे। गुरुवार सुबह ग्रामीण जब गांव के पास पहुंचे तो वहां बिशना देवी का अधखाया शव देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। घटना की सूचना मिलने पर डीएफओ टिहरी कोको रोसे भी मौके पर पहुंचे।
इस पर घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने गुलदार को मारने की मांग को लेकर डीएफओ का घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक गुलदार को मारने के आदेश नहीं होते तब तक शव को नहीं उठाया जाएगा। एक घंटे बाद डीएफओ के आश्वासन पर ग्रामीणों ने शव उठाया। जिला पंचायत सदस्य परमवीर पंवार ने कहा कि क्षेत्र में गुलदार का लगातार आतंक बना हुआ है। वन विभाग गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारे। डीएफओ कोको रोसे ने बताया कि मुख्य वन्यजीव संरक्षक को गुलदार को मारने के संबंध में पत्र भेज दिया है। इसके बाद आज यह कार्रवाई की गई है।

More Stories
सचिव आपदा प्रबंधन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में बारिश की स्थिति की समीक्षा की
मोहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट पर हादसों की रोकथाम को तैनात रहेगी टास्क फोर्स
आंगनबाड़ी केंद्र है बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखने का प्रथम आयामः रेखा आर्या