April 24, 2026

Uttarakhand Review

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मलबे में दबकर मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत

देहरादून(UK Review) उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में रातभर से हो रही बारिश से जलप्रलय जैसी स्थिति पैदा हो गई है। यहां पहाड़ी नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं।रविवार रात से हो रही बारिश की वजह से उत्तराखंड के चमोली जिले के घाट विकास खंड में अतिवृष्टि होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यहां बांजबगड़ गांव में आवासीय मकान के पीछे हुए भूस्खलन के कारण मां रूपा देवी (35 वर्ष) व बेटी चंदा ( नौ माह) की मलबे में दबने से मौत हो गई है। जबकि बांजबगड़ गांव के ही आली तोक में नेनू राम की बेटी नौरती (21 वर्षीय) के मलबे में दबने से मौत हो गई है।।आपदा प्रबंधन टीम के साथ स्थानीय लोग रेस्क्यू आपरेशन में जुट गए। उधर, चुफला गदेरा (बरसाती नाला) के उफान पर होने से दो मकान व तीन दुकाने बह गई हैं। जिले में मौसम अभी भी खराब है और हल्की बारिश जारी है।वहीं, अगले तीन दिनों तक मौसम के मिजाज से लोगों की दुश्वारियां बढ़ सकती हैं। इस अवधि में सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य मौसम केंद्र ने जिला प्रशासन को जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है। उधर, केदारनाथ हाईवे और बदरीनाथ हाईवे तीसरे दिन भी सुचारु नहीं हो पाया, जबकि गंगोत्री हाईवे चुंगी बड़ेथी में रविवार को फिर से बाधित हो गया। यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु है। प्रदेश में लगभग 100 संपर्क मार्ग अवरुद्ध हैं। अधिकांश नदियां खतरे के निशान से कुछ नीचे बह रही हैं।राज्य मौसम केंद्र ने 12 अगस्त को मौसम के तेवर कुछ नरम पडऩे की संभावना जताई है। हालांकि इसके बाद लगातार तीन दिनों तक सात जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ, नैनीताल, पौड़ी और देहरादून में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस अवधि में पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भूस्खलन की और मैदानी इलाकों में बाढ़ की संभावना बन सकती है। मौसम विभाग ने पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने को कहा है। राज्य सरकार को अधिकारियों से समन्वय बनाने की सलाह भी दी गई है।