November 7, 2026

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अब ओपन स्कूल से भी मिल सकेगी ऑनलाइन शिक्षाः धर्मेंद्र प्रधान

-शिक्षा मंत्रालय ने की वर्चुअल ओपन स्कूलिंग की शुरआत
-ई-कॉमिक प्रिया सुगम्यता के जरिए मिलेगा सरल और इंटरएक्टिव तरीके से सुगम्यता का पाठ
देहरादून/नई दिल्ली,। केंद्र सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मंगलवार को वर्चुअल ओपन स्कूलिंग प्लेटफार्म की शुरुआत की है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एऩआइओएस) के तत्वावधान में संचालित होने वाले इस ऑनलाइन प्लेटफार्म का लाभ उन बच्चों को मिलेगा जो विभिन्न कारणों से स्कूल नहीं जा पाते। इसके साथ ही नैसर्गिक चुनौतियों का सामना कर रहे दिव्यांग बच्चों के लिए प्रिया सुगम्यता नाम की एक ई-कॉमिक पुस्तिका लांच की गई है जो सरल, आकर्षक और इंटरएक्टिव तरीके से सुगम्यता का पाठ पढ़ाएगी।
स्कूली शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की बीते एक साल की उपलब्धियों पर एक पुस्तिका के साथ साथ चार पहलों  को लांच किया। इनमें निपुण भारत बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान से संबंधित समस्त सामग्री की उपलब्धता दीक्षा पोर्टल पर और ऑल्टरनेटिव एकेडमिक कलेंडर ऑफ एनसीईआरटी भी शामिल हैं। कार्यक्रम में शिक्षा राज्य मंत्री केंद्रीय शिक्षा मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षा अंकगणित या डिग्री प्राप्त करने की व्यवस्था नहीं है। चरित्र निर्माण के जरिए राष्ट्र निर्माण हो इसका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि देश में आज भी करीब 17 करोड़ बच्चे ऐसे हैं जो सामाजिक, आर्थिक समेत कई वजहों से पारंपरिक तरीके से स्कूली शिक्षा हासिल नहीं कर पा रहे हैं। स्कूली शिक्षा विभाग ऐसे बच्चों के लिए नया मंच लेकर आया है। इसका नाम है वर्चुअल स्कूल। अब सभी बच्चे इस व्यवस्था से शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब ये बच्चे एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं, मोबाइल पर प्री पेड वाउचर भर सकते हैं, विभिन्न प्रकार के डिजिटल भुगतान कर सकते हैं तो फिर वे ओपन वर्चुअल माध्यम से शिक्षा भी प्राप्त कर सकते हैं। श्री प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय के इस प्रयास को प्रधानमंत्री की ओर से उन वंचित विद्यार्थियों को समर्पित किया जो सामाजिक चुनौतियों के दबाव में कहीं न कहीं पीछे रह गए हैं।
इसके अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय ने एक और अहम कदम उठाते हुए दिव्यांग बच्चों के लिए इंटरएक्टिव एक्टिविटी के जरिए सुगम्यता को समझाने वाली एक ई-कॉमिक पुस्तिका ‘प्रिया सुगम्यता’ को भी जारी किया। इसका विमोचन करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि आबादी की एक बड़ी संख्या करीब छह फीसद बच्चों की कुछ न कुछ नैसर्गिक चुनौतियां हैं। लेकिन अब सरकार और समाज  ने मिलकर इस चुनौती को स्वीकार किया है। ऐसे दिव्यांग बच्चों,  दृश्टि, वाक शक्ति या सुनने की शक्ति न रखने वाले बच्चों के लिए सरकार ई-कॉमिक के रूप में हम एक पुस्तिका लेकर आए हैं। प्रिया सुगम्यता नाम की यह पुस्तिका आज की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसी से सबका विकास होगा, सबका विश्वास बड़ेगा।