March 10, 2026

Uttarakhand Review

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ये तस्वीरें जो साबित करती हैं कि भारत जुगाड़ में नम्बर 1 है

एक भारतीय होने के नाते हम जानते हैं कि ये बात शत प्रतिशत सच है. हम जुगाड़ में इतने माहिर हैं कि इस पर हमें गर्व हैं.

. जनाब! इस असेम्बल पीसी के तो कहने ही क्या…

. ट्रेक्टर+रोड रोलर = जुगाड़

. दोस्ती हो तो ऐसी, इस कुर्सी का आनंद आप भी उठा सकते हैं!

. अब आप बिना किसी चिंता के मंदिर में जा सकते हैं.

. आजकल के बच्चों का जवाब नहीं, क्या दिमाग लगाया है !

. शायद इन जनाब को गोलगप्पे का पानी नहीं पसंद, अपना-अपना स्वाद होता है यार!

. किसने कहा कि घर पर रहकर ड्राइविंग की प्रेक्टिस नहीं कर सकते.

. इस रिमोट का इस्तेमाल आप किसी भी टीवी पर कर सकते है.

. अगर आप कार खरीद नहीं सकते तो क्या हुआ, फील तो ले सकते है न!

. क्या आपने कभी सोचा था ऐसा? कूलर एक और कमरे दो, कमाल कर दिया.

. अगर आपके पास शीशा नहीं है तो क्या हुआ, लैपटॉप तो है न?

. आप सीडी का इस्तेमाल ऐसे भी कर सकते हैं.

. इस नल को चलाने के लिए आपको चाभी घुमानी ही पड़ेगी!

. क्या ख्याल है, हो जाए आज रात गोल मोंक?

. अगर बिना पैसे खर्च किए शावर लेना है, तो इसके बारे में क्या ख्याल है.

. बार-बार किचन में जाने का झंझट ही खत्म…

. इस घड़ी का वक्त खराब था, पर बंदे का दिमाग सही चल रहा था.

. बम-बॉक्स!

. ज़रा संभल कर भाई!

. इस बार नया ए.सी. कोच आया है.

. सीट नहीं मिली तो क्या हुआ! चादर तो है न!

 

. लैपटॉप नहीं है तो कोई बात नहीं, बस हौसला होना चाहिए.

. इस लॉक को लगाने के बाद आपको पूरी सुरक्षा का एहसास होगा.

. कितना बुरा हुआ कि हम इस जुगाड़ू आदमी का चेहरा नहीं देख पाएंगे

. दिन में मोटर का काम और रात में बाइक

. इस साइकिल को चला कर आप कार का अनुभव ले सकते हैं.

. इनके लिए सीटी तो बनती हैं. खतरों के खिलाड़ी!

. इस दूध में ऑयरन की शक्ति है

. क्योंकि लड़के रोते नहीं बॉस…

. ये खतरनाक हो सकता है, थोड़ा संभलकर भाई…

. असली उजाला बटन दबाने के बाद ही होगा !

. इन जनाब ने सीपीयू को ठंडा रखने का क्या तरीका निकाला है.

. इनके लिए सीटिंग ओवेशन तो बनता है.

. इनमें से कौन सी छतरी मॉर्डन है भाई?

. ए.सी. है न, तो फ्रिज़ की क्या जरूरत?

. ठंडे रहने का कूल उपाय

. इस विकेट को खूटें से बांद कर रखना पड़ेगा…

. पलसर 220, 220 लीटर की क्षमता के साथ

. पीं…पीं… माफ करना! ट्रिंग…ट्रिंग…

. क्या दिमाग लगाया है, कूल मैन…

. इन्होंने तो रॉयल एनफील्ड को पीछे छोड़ दिया…

. ट्रेक्टर की किसे ज़रूरत है?

. इसके बारे में क्या ख़्याल है?

. याद है न, पापा के साथ स्कूटर पर आगे खड़े होकर सफ़र करना?

. कभी आपने बाइक बिना इंजन के देखी है?

. पक्का चोरी तो दूर, सामान भी अंदर ही रहेगा…

. सीपीयू का नया अवतार…

. इसे सूंघने के बाद मच्छरों की तो पार्टी हो जाएगी… और वो टुल होकर सो जाएंगे.

. साइकिल को भी कभी मॉडीफाई करके देखिए, मज़ा आ जाएगा..

. अगर आप किसी ब्रेंड के जूते नहीं ले सकते, तो घबराइये मत और इन जनाब से कुछ सीखिए.

लोगों को हमारे देश से कुछ सीखना चाहिए, यहां सस्ते-मंहगे की बात नहीं है. बल्कि ये लोगों की कला, उनकी रचनात्मकता है जो वो इतनी चीजों को जोड़कर कोई काम की चीज़ बना देते हैं. जिसका इस्तेमाल हम रोज़मर्रा के कामों में आसानी से कर सकते है.