देहरादून। द आर्यन स्कूल में आज मिडिल स्कूल छात्रों के लिए इंटर हाउस हिन्दी वाद-विवाद प्रतियोगिता और सीनियर स्कूल छात्रों के लिए आशुभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं के विषय थे‘क्या अंकों की तुलना में समझ अधिक महत्वपूर्ण है?’ और ‘क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव बुद्धिमत्ता की जगह ले रही है?’
प्रतियोगिता में अथर्वा, सामा, रिग और यजुर दृ सभी चार सदनों के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्रों ने तथ्यों, उदाहरणों और तार्किक सोच के साथ अपने विचार स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किए। सभी प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास और सहज बुद्धि का परिचय दिया। कार्यक्रम में जज के रूप में सेंट जोसेफ्स एकेडमी की हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष आरती सहगल उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्रों के विचारों की स्पष्टता, भाषण की संरचना और प्रस्तुति की सराहना की।
मिडिल स्कूल की हिन्दी वाद-विवाद प्रतियोगिता में यजुर हाउस की गायत्री खरायत को पक्ष में सर्वश्रेष्ठ वक्ता तथा आश्वी अग्रवाल को विपक्ष में सर्वश्रेष्ठ वक्ता घोषित किया गया। सीनियर स्कूल की आशुभाषण प्रतियोगिता में अथर्वा हाउस की श्रीप्रिया चंदेल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सामा हाउस के रुशिल नारंग को द्वितीय स्थान मिला। हाउस-वाइज परिणामों में यजुर हाउस प्रथम, अथर्वा हाउस द्वितीय, सामा हाउस तृतीय और रिग हाउस चैथे स्थान पर रहा। प्रिंसिपल बी. दासगुप्ता ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा, “ऐसी प्रतियोगिताएं केवल जीत और हार तक सीमित नहीं होती, बल्कि ये विद्यार्थियों में जीवन कौशल विकसित करने का माध्यम बनती हैं। जब विद्यार्थी किसी विषय पर शोध करते हैं, अपने विचारों को व्यवस्थित करते हैं और मंच पर बोलते हैं, तो उनमें आत्मविश्वास और स्पष्टता बढ़ती है। मुझे सभी प्रतिभागियों पर बेहद गर्व है जिन्होंने इन महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी बात इतने अच्छे ढंग से रखी।”
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