देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि देहरादून की अर्थव्यवस्था और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी योजनाएं बनाई जाएं, जिनका लाभ सीधे आमजन तक पहुंचे।
मंगलवार को यहां जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना संरचना को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में सभी विभागों को जनहित आधारित, व्यावहारिक एवं नवाचारयुक्त योजनाएं प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों और प्रस्तावों को शामिल करते हुए जिले के संतुलित एवं समग्र विकास को ध्यान में रखकर जिला योजना संरचना तैयार की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विभाग कम से कम एक अभिनव (इनोवेटिव) एवं स्थायी (सस्टेनेबल) परियोजना को जिला योजना में अनिवार्य रूप से शामिल करे तथा उसके अपेक्षित परिणामों की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि राजधानी देहरादून की अर्थव्यवस्था और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी योजनाएं बनाई जाएं, जिनका लाभ सीधे आमजन तक पहुंचे। बैठक में जिलाधिकारी ने अधूरी एवं लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला योजना के अंतर्गत केवल उन्हीं परियोजनाओं को शामिल किया जाए जिनकी भूमि उपलब्ध हो, विवाद रहित हों तथा जिन्हें वर्तमान या अगले वित्तीय वर्ष तक पूरा किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद योजनाएं समय पर पूरी न होना संबंधित विभाग की गंभीर विफलता मानी जाएगी, जिसके लिए जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद का कोई भी विघालय बिजली, पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी विघालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जिला योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत विकासपरक प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बैठक के अंत में कहा कि जिला योजना में प्रस्तावित कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। यदि किसी विभाग द्वारा जनहित के अनुरूप धनराशि का सदुपयोग नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद देहरादून हेतु 99.39 करोड़ रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया है। इसमें 37.19 करोड़ रुपये मानदेय एवं वचनबद्ध योजनाओं, 10.39 करोड़ रुपये चालू एवं अधूरे कार्यों को पूर्ण करने, 15.93 करोड़ रुपये स्वरोजगार संबंधी योजनाओं तथा 36.25 करोड़ रुपये नए एवं अभिनव कार्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज शर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशि कांत गिरी सहित समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
दून की अर्थव्यवस्था को गति देने वाली योजनाएं हो जिला प्लान में शामिलः डीएम

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