June 13, 2026

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फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क का खुलासा, दो लोग गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान में एसटीएफ को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। देर रात सितारगंज-रुद्रपुर क्षेत्र में ताबड़तोड़ दबिश देकर एसटीएफ ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से दो सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
इस कार्रवाई के साथ ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह के खिलाफ एसटीएफ का शिकंजा और कस गया है। अब तक इस मामले में नौ आरोपियों की गिरफ्तारी, 14 अवैध हथियार, 341 कारतूस और बड़ी संख्या में संदिग्ध व फर्जी लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं। एसटीएफ का कहना है कि जांच में सामने आने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसडीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। बीती देर रात की गई कार्रवाई में एसटीएफ ने सितारगंज-रुद्रपुर क्षेत्र से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से दो सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 31 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क से जुड़े गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध मुक्त उत्तराखण्ड विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में एसटीएफ राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की सत्यता और वैधता की व्यापक जांच कर रही है। इसी क्रम में काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान एसटीएफ ने यह कार्रवाई की।
एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करनजीत सिंह (35 वर्ष) निवासी बरेली, हाल संचालक सरदार जी रेस्टोरेंट, सितारगंज तथा विक्रमजीत सिंह तूर (36 वर्ष) निवासी मंडी क्षेत्र, सितारगंज के रूप में की है।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल .30 बोर, 1 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल .32 बोर, 31 जिंदा कारतूस (.30 एवं .32 बोर) बरामद किए गये हैं। एसटीएफ के अनुसार इस अभियान के तहत अब तक 3 अभियोग दर्ज किये गये हैं। 9 आरोपी गिरफ्तार किये गये हैं। 14 अवैध हथियार, 341 कारतूस बरामद हुये हैं। बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस जब्त किए जा चुके हैं। एसएसपी एसटीएफ ने कहा फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का नेटवर्क केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि राज्य और समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचकर जांच कर रही है। जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।