देहरादून। बेफिक्र-बचपन की बेबाक-बानगी के शीर्षक से बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘बाल गुरू’ के संदर्भ में पाठकों की प्रतीक्षा समाप्त प्राय है। यह पुस्तक शनिवार 7 अप्रैल को लोकार्पित होने को तैयार है।
एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में ख्याति पाने वाले सेवानिवृत्त आई.पी.एस. अधिकारी सतीश शुक्ला लेखक के रूप में अपनी विद्वता की छाप छोड़ने में सफल रहे हैं। सतीश शुक्ला जी की आत्मकथात्मक अभिव्यक्ति ‘बाल गुरू’ की पुस्तक समीक्षा से ही पाठकगण में इस पुस्तक के प्रति रूचि दृष्टिगोचर होने लगी है।
शनिवार को यह पुस्तक पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी के कर कमलों से पाठकों हेतु समर्पित कर दी जायेगी। सतीश शुक्ला परिवार ने सभी महानुभावों से 4 बजे ऊषा कालोनी, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून स्थित ऊषा क्लब में पधार कर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करने का आग्रह किया है।
बाल गुरू की प्रतीक्षा समाप्त, शनिवार को होगी पाठकों को समर्पित



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