देहरादून। सरकारी पद की भर्ती में अभ्यर्थी के लिये उत्तराखण्ड का मूल निवासी होने की अनिवार्यता संविधान के अनुच्छेद 14 व अनुच्छेद 16 का उल्लंघन है। यह बात राज्य सूचना आयुक्त सुरेन्द्र सिंह रावत ने अपने फैसले में कही है।
उत्तरकाशी के जिला चिकित्सालय में सी.टी. टैक्नीशियन के पद पर नियत वेतन पर नियुक्ति में उत्तराखण्ड का मूल निवासी होने की शर्त लगाई गई थी। सूचना-अधिकार के तहत इस सम्बन्ध में कार्मिक विभाग के शासनादेश की मांग की गई थी, जिसके प्राप्त न होने पर मामला उत्तराखण्ड सूचना आयोग में गया। सुनवाई के उपरान्त दिये फैसले में आयुक्त महोदय ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पूर्णकालिक नियुक्ति यथा शीघ्र किये जाने का आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि नियुक्ति में संविधान का उल्लंघन करने वाली मूल निवास सम्बन्धी अनिवार्यता की शर्त न लगाई जाये। उक्त अपील आर.टी.आई. समाचार के सम्पादक सुरेन्द्र अग्रवाल द्वारा दायर की गई थी।
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